Link copied!

Own House vs Rented House: खुद का घर लेना सही या किराए पर रहना? पूरी तुलना

🚀 Quick Summary (एक मिनट में समझें)

अगर आप Emotional Security चाहते हैं और एक ही शहर में अगले 20 साल रहने वाले हैं, तो घर खरीदें। लेकिन अगर आप Financial Freedom चाहते हैं और "EMI Trap" से बचना चाहते हैं, तो Rent पर रहना और बचे हुए पैसों की SIP करना आपको करोड़पति बना सकता है। 2026 में गणित (Maths) "Rent + Invest" के पक्ष में है।

दोस्तों, हर मिडिल क्लास भारतीय का एक सपना होता है — "अपना खुद का घर"। ये सपना गलत नहीं है, लेकिन इसे पूरा करने का तरीका गलत हो सकता है।

जैसे ही आपकी नौकरी लगती है या शादी होती है, तो घरवाले, रिश्तेदार और पड़ोसी एक ही सवाल पूछना शुरू कर देते हैं — "और भाई, फ्लैट कब बुक कर रहा है?" समाज ने हमारे दिमाग में यह बात बैठा दी है कि Rent देना मतलब पैसे में आग लगाना और घर खरीदना सबसे बड़ी Investment है।

लेकिन क्या 2026 में भी यह बात सच है? क्या 20-30 साल के लिए बैंक की EMI भरना समझदारी है, या किराए के घर में रहकर स्मार्ट इन्वेस्टमेंट करना बेहतर है? आज हम इमोशन को साइड में रखकर, Calculator और Real Data के साथ बात करेंगे। दूध का दूध, पानी का पानी।

अगर आप पहले से अपनी सैलरी से बचत करने का सही तरीका जानते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए और भी काम का साबित होगा।

1. "लोग क्या कहेंगे" — सबसे बड़ा जाल

भारत में घर खरीदना सिर्फ एक Financial Decision नहीं है — यह एक Social Status Symbol बन चुका है। अक्सर लोग घर अपनी जरूरत के लिए नहीं, बल्कि दूसरों को दिखाने के लिए खरीदते हैं। हमें लगता है कि अगर अपना घर नहीं है, तो हम लाइफ में "Settle" नहीं हुए।

सोचिए — आपके ऑफिस में कोई कहता है कि उसने नया फ्लैट बुक किया, तो आपके मन में भी एक टीस उठती है। यही Peer Pressure है जो आपसे गलत समय पर गलत फैसला करवा देता है।

Reality Check: अगर आपने ₹50 लाख का घर लिया और अगले ही साल आपकी जॉब चली गई, या किसी दूसरे शहर में अच्छी Opportunity मिल रही है, तो वह "अपना घर" आपके पैरों की बेड़ी बन जाएगा। घर एक Illiquid Asset है — इसे बेचना उतना आसान नहीं जितना लोग सोचते हैं। प्रॉपर्टी बेचने में 3 से 6 महीने या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है।

इसके अलावा, अगर आप किसी छोटे शहर में घर खरीद लेते हैं और बाद में मेट्रो सिटी में शिफ्ट होना पड़े, तो वह प्रॉपर्टी खाली पड़ी रहती है। उसकी देखभाल, टैक्स, और मेंटेनेंस का खर्चा अलग से जेब से जाता है।

2. Home Loan का असली गणित (The EMI Trap)

चलिए मान लेते हैं कि आप एक 2 BHK फ्लैट खरीदते हैं जिसकी कीमत ₹50 लाख है। कोई भी मिडिल क्लास आदमी पूरा पैसा कैश में नहीं देता — वह Home Loan लेता है।

अब जरा बैंक के नजरिए से देखिए कि आप असल में कितना पैसा चुकाते हैं:

Component Amount (राशि)
Property Price (घर की कीमत) ₹50,00,000
Down Payment (20%) ₹10,00,000 (जेब से)
Loan Amount (कर्ज की रकम) ₹40,00,000
Interest Rate (ब्याज दर) 8.5% p.a.
Tenure (अवधि) 20 Years (240 महीने)
Monthly EMI ₹34,713
Total Interest Paid (कुल ब्याज) ₹43,31,103
Total Payment to Bank ₹83,31,103
⚠️ चौंकाने वाला सच: आपने ₹40 लाख का लोन लिया, लेकिन बैंक को कुल ₹83 लाख से ज्यादा चुकाए! यानी घर की कीमत से भी ज्यादा तो सिर्फ ब्याज में चला गया। ₹43 लाख सिर्फ Interest — यह पैसा न आपके काम आया, न आपके बच्चों के।

ज्यादातर लोग EMI की Monthly रकम देखते हैं, लेकिन Total Cost कभी Calculate नहीं करते। अगर आप वाकई जानना चाहते हैं कि आपके लोन पर कितना ब्याज लगेगा, तो पहले अपनी EMI जरूर चेक कर लें।

एक और बात — अगर Interest Rate बढ़ गया (जो भारत में आम बात है), तो आपकी EMI और भी बढ़ जाएगी। 2022-23 में RBI ने कई बार Rate बढ़ाया था, जिससे लाखों लोगों की EMI अचानक ₹3,000-5,000 बढ़ गई थी। यह Risk भी आपको उठाना पड़ता है।

3. Case Study: रमेश vs सुरेश (The Wealth Formula)

अब आते हैं सबसे मजेदार हिस्से पर। दो दोस्तों की कहानी सुनिए — रमेश और सुरेश। दोनों की सैलरी ₹70,000 प्रति माह है, दोनों एक ही शहर में रहते हैं, लेकिन दोनों की सोच अलग है।

👤 रमेश (The Home Buyer)

रमेश ने 2026 में ₹50 लाख का 2BHK फ्लैट खरीदा। उसने ₹10 लाख डाउन पेमेंट दिया और बाकी ₹40 लाख का Home Loan लिया।

  • Monthly EMI: ₹34,713
  • Society Maintenance: ₹3,000
  • Total Monthly Outflow: ₹37,713

रमेश की सैलरी का 54% सिर्फ घर पर खर्च हो रहा है। बाकी पैसे में खाना, बच्चों की पढ़ाई, पेट्रोल, और बाकी जरूरतें पूरी करनी हैं। बचत? लगभग Zero।

👤 सुरेश (The Smart Renter)

सुरेश ने घर नहीं खरीदा। उसने उसी सोसायटी में वैसा ही फ्लैट किराए पर लिया।

  • Monthly Rent: ₹12,000 (भारत में Rental Yield सिर्फ 2-3% है)
  • Difference: ₹37,713 - ₹12,000 = ₹25,713 बचत हर महीने

सुरेश ने फैसला किया कि वह इस बचे हुए ₹25,713 को हर महीने एक अच्छे Mutual Fund SIP में लगाएगा। साथ ही उसने अपना ₹10 लाख का डाउन पेमेंट भी Equity Fund में Lumpsum इन्वेस्ट कर दिया।

अगर आपको SIP और Lumpsum में कन्फ्यूजन है कि कौन सा तरीका बेहतर है, तो हमारी SIP vs Lumpsum गाइड जरूर पढ़ें।

🕐 20 साल बाद क्या हुआ? (The Result)

मान लेते हैं — Property 5% सालाना बढ़ी और Mutual Fund ने Average 12% Annual Return दिया (जो Nifty 50 का Historical Average है)।

Scenario रमेश (Buyer) सुरेश (Renter + Investor)
Asset Value (20 साल बाद) ₹1.32 Crore (Home Value) ₹2.56 Crore (SIP + Lumpsum Growth)
Total Paid ₹83 Lakh (Bank को) + ₹10 Lakh (Down Payment) ₹28.8 Lakh (Rent) + ₹61.7 Lakh (SIP)
Net Worth ₹1.32 Crore (Illiquid — बेचना मुश्किल) ₹2.56 Crore (Liquid Cash — कभी भी निकाल सकते हैं)
Freedom Level EMI खत्म, पुराने घर में बैठे हैं Cash Rich — Early Retirement भी संभव
💡 Key Insight: सुरेश के पास रमेश से लगभग दोगुना पैसा है — वह भी Liquid Cash में। वह चाहे तो दुनिया घूमे, Business शुरू करे, या 45 की उम्र में Retire हो जाए। जबकि रमेश अपने पुराने पड़ते घर में ही बैठा है।

अपनी SIP कितनी बनेगी यह जानना चाहते हैं? अभी Calculate करें:

4. घर खरीदने के छिपे हुए खर्चे (Hidden Costs)

Builder आपको सिर्फ Base Price बताता है, लेकिन असल खर्चा उससे 20-30% ज्यादा होता है। ये वो खर्चे हैं जो कोई Brochure में नहीं दिखाता:

Hidden Cost अनुमानित खर्चा
Registration & Stamp Duty (5-7%) ₹2.5 - 3.5 लाख
GST (Under Construction Property पर) ₹2.5 लाख (5%)
Interior & Furnishing ₹5 - 10 लाख
Parking Charges ₹1 - 3 लाख
Legal & Documentation ₹20,000 - 50,000
Society Maintenance (20 साल) ₹7.2 लाख (₹3,000/month)
Property Tax (20 साल) ₹2 - 4 लाख
Major Repairs & Renovation ₹3 - 5 लाख
Total Hidden Cost ₹15 - 30 लाख EXTRA

यानी ₹50 लाख के घर का Real Cost ₹65-80 लाख तक पहुंच जाता है! और ये सब EMI के ऊपर अलग से खर्चा है। Stamp Duty कितनी लगेगी यह जानने के लिए हमारा Stamp Duty Calculator इस्तेमाल करें।

किराए पर रहने वाले को ये सारे खर्चे नहीं उठाने पड़ते। पाइप लीक? मकान मालिक की जिम्मेदारी। पेंट खराब? मकान मालिक करवाएगा। AC में दिक्कत? Call the owner।

5. किराए से जुड़ी 5 गलतफहमियां

लोगों के मन में किराए को लेकर कई गलतफहमियां हैं। आइए एक-एक करके उन्हें दूर करते हैं:

Myth 1: "Rent देना पैसे की बर्बादी है"

बिल्कुल गलत। Rent एक Service Cost है — जैसे आप Ola/Uber का किराया देते हैं कार खरीदने की बजाय। जब तक Rent आपकी EMI से काफी कम है, तब तक यह Smart Choice है। भारत में Rental Yield सिर्फ 2-3% है, मतलब ₹50 लाख के घर का किराया ₹10,000-12,000 ही मिलता है।

Myth 2: "किराए पर रहने वालों को कोई इज्जत नहीं देता"

यह सोच पुरानी हो चुकी है। आज के दौर में बहुत से CEO, Founders और Successful लोग किराए पर रहते हैं क्योंकि वे अपना पैसा Business और Investment में लगाते हैं। Warren Buffett ने भी कहा है — "If you buy things you don't need, soon you'll sell things you need."

Myth 3: "Property की कीमत हमेशा बढ़ती है"

ऐसा जरूरी नहीं है। कई शहरों में 2015 से 2022 तक Property के दाम या तो स्थिर रहे या गिरे। Noida, Greater Noida जैसी जगहों पर तो लोगों को काफी नुकसान हुआ। Real Estate का Average Return पिछले दशक में 5-7% CAGR रहा है।

Myth 4: "EMI तो Rent जैसी ही होती है"

EMI सिर्फ शुरुआत है। ऊपर से Maintenance, Tax, Insurance, Repairs — ये सब Rent में नहीं लगते। और सबसे बड़ी बात — EMI में शुरुआती सालों में 80-90% पैसा सिर्फ Interest में जाता है, Principal बहुत कम कटता है।

Myth 5: "बुढ़ापे में कौन किराया देगा?"

अगर आपने Rent + Invest Strategy सही से Follow की, तो 50-55 की उम्र में आपके पास इतना Corpus होगा कि आप Cash में घर खरीद सकते हैं — बिना किसी Loan के। या फिर उस Corpus से SWP (Systematic Withdrawal Plan) से हर महीने पेंशन जैसी Income ले सकते हैं।

6. विवेक भाई की सलाह — पैसों की असली समझ

💬 विवेक भाई कहते हैं:

"भाई, मैंने 2014 से Financial Content बनाते हुए एक बात सीखी है — पैसे का फैसला दिल से नहीं, दिमाग से लो। घर खरीदना बुरा नहीं है, लेकिन गलत समय पर, गलत बजट में, और सिर्फ दिखावे के लिए घर खरीदना बहुत बुरा है।

मैं हमेशा कहता हूं — पहले Emergency Fund बनाओ (कम से कम 6 महीने की सैलरी), फिर बिना कर्ज के पैसे से पैसा बनाने की आदत डालो, और उसके बाद घर की सोचो। जो लोग ₹30,000 की सैलरी में ₹25,000 की EMI भर रहे हैं — वो अपने साथ सबसे बड़ा धोखा कर रहे हैं।"

विवेक भाई की एक और Important बात — अगर आपकी सैलरी कम है तो पहले Income बढ़ाने पर Focus करो। Job के साथ Part-Time Business शुरू करो, Skills बढ़ाओ, और जब Financial Position मजबूत हो जाए तब घर का फैसला लो।

7. Real Estate vs Mutual Fund — 20 साल का तुलनात्मक रिटर्न

बहुत से लोग कहते हैं कि Real Estate सबसे Safe Investment है। चलिए Data से बात करते हैं:

Parameter Real Estate Equity Mutual Fund (SIP)
Average Annual Return 5-7% CAGR 12-15% CAGR
Liquidity (बेचने में आसानी) बहुत कम (3-6 महीने) बहुत ज्यादा (1-3 दिन)
Entry Cost (शुरू करने का खर्चा) ₹10-20 लाख Down Payment ₹500 से शुरू
Maintenance Cost हर साल खर्चा Zero (सिर्फ Expense Ratio)
Tax Benefit Section 80C & 24(b) Section 80C (ELSS)
Emotional Value बहुत ज्यादा कम
Risk Location Dependent Market Risk (Long Term में कम)

अपने Investment का CAGR जानना है? हमारा CAGR Calculator इस्तेमाल करें।

ध्यान दें — Real Estate में Emotional Value जरूर है। अपने घर की छत का सुकून अलग होता है, यह बात सच है। लेकिन Financial Decision लेते समय Emotion और Logic को अलग-अलग रखना जरूरी है।

8. कब घर खरीदना सही है?

हम Rent का समर्थन करते हैं — लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि घर कभी नहीं खरीदना चाहिए। कुछ situations हैं जब घर खरीदना genuinely सही फैसला होता है।

स्थिति क्यों सही है
एक शहर में 15-20 साल रहना तय है Stability है, EMI investment बन जाती है
Down Payment के लिए कोई Loan नहीं लेना पड़ रहा Financial foundation मजबूत है
EMI, Income के 30% से कम है Lifestyle और savings दोनों बच रहे हैं
Emergency Fund 6 महीने का पहले से है Job जाने पर भी 6 महीने safe हैं
Retirement age करीब है (50+ साल) बुढ़ापे में security के लिए ownership सही है
Area में Rental Yield कम और Property Growth ज्यादा है Financial math भी support करता है

सबसे important rule: EMI आपकी net monthly income के 30% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर ₹60,000 income है तो maximum EMI ₹18,000। अपनी Home Loan eligibility पहले check करें — Home Loan Eligibility Calculator से।

और अगर घर खरीदना ही है तो पहले Rent vs Buy का math खुद calculate करो — Rent vs Buy Calculator से अपनी exact situation देखो।

9. Smart Strategy: किराए पर रहो, करोड़पति बनो

अगर आप Rent + Invest strategy seriously follow करना चाहते हो, तो यह exact plan है:

Phase 1: Foundation (Year 1-2)

Phase 2: Wealth Building (Year 3-15)

  • Income का minimum 20% SIP में डालो — SIP Calculator से देखो 15 साल में कितना बनेगा।
  • Salary बढ़ने पर SIP भी बढ़ाओ — Step-Up SIP Calculator से plan करो।
  • PPF में भी invest करो — PPF Calculator से 15 साल का corpus देखो।

Phase 3: Decision Time (Year 15-20)

  • अब तुम्हारे पास बड़ा corpus है। Real decision लो — Cash में घर खरीदो या Retire हो जाओ।
  • अगर घर चाहिए तो SWP से passive income लो और किराया दो — SWP Calculator से monthly income calculate करो।

Retirement corpus कितना चाहिए — Retirement Corpus Calculator से आज ही जानो।

10. हमारा फैसला (Final Verdict)

2026 में "Rent vs Buy" का जवाब एक line में: अगर Financial Math नहीं बन रहा, तो घर मत खरीदो।

अगर आप हैं... तो करो...
25-35 साल, career growing, शहर बदल सकते होRent करो + Invest करो
35-45 साल, stable job, एक शहर में settleMath देखो, फिर decide करो
45+ साल, बच्चे settle, retirement नज़दीकघर खरीदना consider करो
EMI income के 40%+ होगीबिल्कुल मत खरीदो अभी
Emergency Fund नहीं हैपहले वो बनाओ

घर एक emotional asset है — इसकी value है। लेकिन पहले financially strong बनो, फिर घर खरीदो। गलत समय पर लिया गया घर 20 साल की financial freedom छीन लेता है।

Vivek Hardaha - Finance Expert
Vivek Hardaha
M.Sc (CS), MA, BA (Econ)
Web & Finance Expert - Since 2014
Comments

Be the first to comment!

Vivek Hardaha
Vivek Hardaha
M.Sc (CS), MA, BA (Econ)
Web & Finance Expert • Since 2014