अपनी छोटी जरूरतों के लिए कब तक दूसरों का मुंह देखेंगे?
घर का सारा काम खत्म करने के बाद जब एक हाउसवाइफ दोपहर में थोड़ा आराम करने बैठती है, तो उसके दिमाग में कई बातें चलती हैं।
उसे अपनी पसंद की कोई साड़ी लेनी हो, बच्चों के लिए कुछ एक्स्ट्रा लाना हो, या अपनी किसी सहेली को गिफ्ट देना हो। हर बार उसे अपने पति से पैसे मांगने पड़ते हैं। कई बार पैसे मिल जाते हैं, और कई बार महीने का बजट बिगड़ा होने की वजह से मन मारना पड़ता है। अंदर ही अंदर एक अजीब सी घुटन होती है कि काश मेरे पास भी खुद के कुछ पैसे होते।
यही हाल हमारे कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स का भी है। रोज-रोज घर वालों से पेट्रोल के लिए, कैंटीन के लिए या किसी नए ऑनलाइन कोर्स के लिए पैसे मांगना अब उन्हें अच्छा नहीं लगता। माता-पिता पहले ही फीस भर-भर के परेशान हैं। ऐसे में एक स्टूडेंट को लगने लगता है कि बस अब बहुत हो गया, खुद का कुछ तो जुगाड़ करना ही पड़ेगा।
सच बताना, ये सब पढ़कर आपको भी लग रहा है न कि ये तो एकदम मेरी ही कहानी है?
यूट्यूब के झूठे सपने और आपका टूटता हुआ भरोसा
जब ये दर्द हद से ज्यादा बढ़ जाता है, तो इंसान सबसे पहला काम क्या करता है? वो अपना फोन उठाता है और यूट्यूब पर सर्च करता है— 'घर बैठे पैसे कैसे कमाए' या 'बिना पैसे लगाए ऑनलाइन कमाई'
यहाँ से शुरू होता है इंटरनेट का सबसे बड़ा धोखा। आपके सामने ऐसे-ऐसे वीडियो आते हैं जो दावा करते हैं कि बस एक ऐप डाउनलोड करो और रोज के 1000 रुपये आपके खाते में आ जाएंगे। कोई आपको कैप्चा (Captcha) टाइप करने को कहता है, तो कोई लूडो खेलकर अमीर बनने के सपने दिखाता है।
आप उम्मीद के साथ उन ऐप्स को डाउनलोड करते हैं। अपना कीमती समय लगाकर वहां काम भी करते हैं। ऐप के अंदर आपको 200-300 रुपये दिखने भी लगते हैं। पर जब आप उस पैसे को अपने बैंक में ट्रांसफर (Withdraw) करने जाते हैं, तो वो ऐप अचानक से बंद हो जाता है या आपसे ही उल्टे 'प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर पैसे मांगने लगता है।
इस धोखे के बाद इंसान पूरी तरह टूट जाता है। उसे लगने लगता है कि इंटरनेट पर कमाई नाम की कोई चीज नहीं होती। ये सब सिर्फ बेवकूफ बनाने का धंधा है। पर सच्चाई इससे बहुत अलग है। पैसा है, पर वो फालतू ऐप्स पर नहीं, असली काम में है।
जीरो इन्वेस्टमेंट का वो सीक्रेट जो कोई नहीं बताता
जब भी कोई कहता है कि 'बिना पैसे लगाए बिजनेस शुरू करो', तो ज्यादातर लोग इसका गलत मतलब निकाल लेते हैं।
उन्हें लगता है कि जीरो इन्वेस्टमेंट का मतलब है जीरो मेहनत। उन्हें लगता है कि बस कोई जादू होगा और पैसे आने लगेंगे। यहीं पर सबसे बड़ी गलती होती है। दुनिया में कोई भी काम बिल्कुल 'फ्री' नहीं होता। अगर आप अपनी जेब से पैसा नहीं लगा रहे हैं, तो आपको अपना समय (Time) और अपनी स्किल (Skill) लगानी पड़ेगी।
यही ऑनलाइन कमाई का सबसे बड़ा सीक्रेट है। इंटरनेट आपको पैसा तभी देता है जब आप इंटरनेट को अपनी कोई वैल्यू देते हैं।
एक स्टूडेंट के पास पैसा नहीं है, लेकिन उसके पास इंटरनेट की समझ है। उसे पता है कि सोशल मीडिया कैसे काम करता है। एक हाउसवाइफ के पास पैसा नहीं है, लेकिन उसके पास चीजों को मैनेज करने का तजुर्बा है, खाना बनाने का हुनर है, या अपनी रीजनल भाषा की अच्छी पकड़ है। बस इसी छुपे हुए हुनर को बेचना है।
सीक्रेट 1: आपके अंदर पहले से मौजूद वो खास हुनर
अब आप सोचेंगे कि भाई मेरे अंदर तो ऐसी कोई खास बात नहीं है। मुझे न कोडिंग आती है और न ही फर्राटेदार इंग्लिश।
यही तो गेम है। 2026 में इंटरनेट को भारी भरकम डिग्रियों की जरूरत नहीं है। लोगों को बेसिक कामों के लिए मदद चाहिए। मान लीजिए आपको हिंदी लिखना और पढ़ना बहुत अच्छे से आता है। क्या आपको पता है कि आज इंटरनेट पर कई वेबसाइट्स को ऐसे लोगों की तलाश है जो उनके इंग्लिश आर्टिकल्स को आसान हिंदी में बदल सकें?
या फिर आप एक कॉलेज स्टूडेंट हैं जो कैनवा (Canva) पर अच्छी खासी फोटो एडिट कर लेता है। आपके शहर के कितने ही ऐसे दुकानदार होंगे जिन्हें अपने कपड़े या जूतों की फोटो इंस्टाग्राम पर डालनी होती है, पर उन्हें एडिटिंग नहीं आती।
आपको कोई नया तीर नहीं मारना है। जो काम आप मजे-मजे में फ्री में कर रहे थे, अब उसी काम को थोड़ा प्रोफेशनल तरीके से करना है। लोग आपके इस छोटे से हुनर के लिए भी खुशी-खुशी पैसे देने को तैयार बैठे हैं। जरूरत है तो बस उन लोगों तक पहुँचने की।
सीक्रेट 2: 'फ्रीलांसिंग' कोई हौव्वा नहीं, बस लोगों का काम आसान करना है
इंटरनेट की दुनिया में एक शब्द बहुत चलता है— फ्रीलांसिंग (Freelancing)। नाम सुनकर लगता है जैसे ये कोई बहुत बड़ा कॉर्पोरेट काम है।
पर इसे आसान भाषा में समझें। फ्रीलांसिंग का सीधा सा मतलब है अपनी मर्जी का मालिक होना। आप किसी ऑफिस में नहीं जाते, किसी बॉस की डांट नहीं सुनते। आप अपने घर के एक कोने में बैठते हैं। आपको इंटरनेट के जरिए कोई क्लाइंट मिलता है। वो आपको कोई काम देता है, आप वो काम पूरा करके उसे भेजते हैं, और वो सीधा आपके बैंक में पैसा डाल देता है।
एक हाउसवाइफ के लिए ये सबसे बेस्ट तरीका है। क्योंकि इसमें कोई फिक्स टाइमिंग नहीं होती। आपको जब दोपहर में 2 घंटे का टाइम मिले, आप अपना लैपटॉप या फोन खोलें और काम कर लें। कोई पूछने वाला नहीं है कि आप सुबह 10 बजे काम पर क्यों नहीं बैठे।
स्टूडेंट्स भी अपनी कॉलेज की पढ़ाई के बाद रात में 1-2 घंटे फ्रीलांसिंग करके अपने महीने का पूरा खर्चा आराम से निकाल सकते हैं। ये तरीका 100% असली है और इसमें फ्रॉड होने का चांस ना के बराबर होता है, क्योंकि आप डायरेक्ट क्लाइंट से बात कर रहे होते हैं।
सीक्रेट 3: अपनी सर्विस को पैकेज में कैसे बेचें?
जब आप पहली बार किसी को बताएंगे कि मैं ये काम कर सकता हूँ, तो वो शायद आप पर तुरंत भरोसा न करे।
यहीं पर सबसे बड़ा सीक्रेट काम आता है। आपको अपनी सर्विस को एक प्रोडक्ट की तरह पेश करना होगा। मान लीजिए आप एक स्टूडेंट हैं और आप नोट्स बनाने में बहुत अच्छे हैं। आप किसी को ये मत बोलिए कि "मैं आपके लिए लिख दूँगा।"
बल्कि आप ये बोलिए कि "मैं 49 रुपये में इस पूरे चैप्टर के एकदम आसान हिंदी नोट्स दे सकता हूँ।" इसे देखते ही सामने वाले को लगेगा कि उसे सिर्फ 49 रुपये देने हैं और उसका पूरा सिरदर्द खत्म हो जाएगा। वो तुरंत आपको पैसे दे देगा।
इसी तरह अगर एक हाउसवाइफ टिफिन सर्विस शुरू कर रही है, तो वो ये न बोले कि "मैं खाना बनाती हूँ।" वो अपने आस-पास के पीजी (PG) में रहने वाले लड़कों से बोले— "महीने का 2000 रुपये और रोज शाम को घर जैसा गरम खाना आपके कमरे तक।" ये एक पैकेज बन गया। लोग पैकेजेस को बहुत जल्दी खरीदते हैं क्योंकि उन्हें समझ आ जाता है कि उन्हें क्या मिलने वाला है।
सीक्रेट 4: सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल (टाइम पास नहीं, असली कमाई)
हम सब दिन के 3 से 4 घंटे इंस्टाग्राम (Instagram) और व्हाट्सएप (WhatsApp) पर बिताते हैं। दूसरों के स्टेटस देखते हैं, रील्स स्क्रॉल करते हैं और हंसकर भूल जाते हैं।
लेकिन क्या कभी सोचा है कि जिस फोन पर आप दूसरों को देखकर टाइम पास कर रहे हैं, उसी फोन से कुछ लोग रोज के 500 से 1000 रुपये छाप रहे हैं? वो कोई जादू नहीं कर रहे। बस उन्होंने सोशल मीडिया को इस्तेमाल करने का तरीका बदल दिया है।
अगर आप एक हाउसवाइफ हैं, तो रीसेलिंग (Reselling) आपके लिए एक वरदान है। इसमें न कोई दुकान खोलनी है, न कोई सामान खरीदकर घर में रखना है। Meesho या GlowRoad जैसे ऐप्स पर जाइए। वहां आपको थोक भाव (Wholesale) में साड़ियां, कुर्तियां और घर का सामान मिल जाएगा।
बस उन साड़ियों की अच्छी सी फोटो डाउनलोड कीजिए। अपना 150-200 रुपये का प्रॉफिट जोड़िए और उसे अपने व्हाट्सएप स्टेटस या इंस्टाग्राम पेज पर डाल दीजिए।
जब आपकी कोई सहेली या रिश्तेदार आपसे वो साड़ी मांगेगी, तो आपको बस ऐप में जाकर उसका एड्रेस डाल देना है। कंपनी खुद साड़ी उसके घर पहुंचाएगी और आपका प्रॉफिट सीधा आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा। इसे ही जीरो इन्वेस्टमेंट बिज़नेस कहते हैं।
सीक्रेट 5: डिजिटल प्रोडक्ट का जादू (एक बार बनाओ, बार-बार बेचो)
अगर आप अपनी कोई सर्विस देते हैं (जैसे ट्यूशन पढ़ाना या राइटिंग करना), तो आप एक दिन में सिर्फ 4 या 5 घंटे ही काम कर सकते हैं। आपकी कमाई की एक लिमिट होती है।
लेकिन अगर आपको बिना लिमिट के पैसा कमाना है, तो आपको डिजिटल प्रोडक्ट (Digital Product) बनाना सीखना होगा। डिजिटल प्रोडक्ट मतलब कोई ऐसी चीज जो इंटरनेट पर डाउनलोड हो सके। इसे बनाने में सिर्फ एक बार मेहनत लगती है, और आप इसे हजारों बार बेच सकते हैं।
अगर आप एक कॉलेज स्टूडेंट हैं जो पढ़ाई में काफी तेज है। आपके हाथ से लिखे हुए नोट्स (Notes) आपके दोस्तों को बहुत पसंद आते हैं। बस उन नोट्स की एक अच्छी सी पीडीएफ (PDF) फाइल बना लीजिए। एग्जाम से एक महीने पहले उस पीडीएफ को 49 या 99 रुपये में बेचना शुरू कर दीजिए।
कॉलेज के ग्रुप्स में और टेलीग्राम पर बच्चे इसे खुशी-खुशी खरीदेंगे। क्योंकि हर कोई एग्जाम पास करने का शॉर्टकट खोजता है।
इसी तरह अगर एक हाउसवाइफ बहुत अच्छी सिलाई या कुकिंग जानती है, तो वो अपने खास डिजाइन्स या '10 सीक्रेट रेसिपी' की एक ई-बुक (e-Book) बनाकर सेल कर सकती है। इसमें आपको डिलीवरी का कोई टेंशन नहीं होता। पैसा आता है और फाइल डाउनलोड हो जाती है।
| टाइम देकर पैसा कमाना (फ्रीलांसिंग) | एक बार बनाकर बेचना (डिजिटल प्रोडक्ट) |
|---|---|
| क्लाइंट के हिसाब से काम करना पड़ता है | आप खुद अपने बॉस होते हैं |
| काम बंद, तो पैसा आना बंद | आप सो रहे हों, तब भी फाइल बिक सकती है |
| दिन में सिर्फ कुछ घंटे ही काम कर सकते हैं | कमाई की कोई लिमिट नहीं होती |
सीक्रेट 6: कस्टमर खुद आपके पास कैसे आएगा? (जीरो मार्केटिंग बजट)
सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि भाई काम तो सीख लिया, पीडीएफ भी बना ली, लेकिन इसे खरीदेगा कौन?
ज्यादातर लोग यहीं आकर हार मान जाते हैं। वो सोचते हैं कि कस्टमर लाने के लिए तो फेसबुक पर पैसे देकर ऐड (Ads) चलाने पड़ेंगे। पर ऐसा बिल्कुल नहीं है। बिना एक भी रुपया लगाए कस्टमर लाने का सबसे सॉलिड तरीका है— फ्री में लोगों की प्रॉब्लम सॉल्व करना।
फेसबुक (Facebook) पर ऐसे हजारों ग्रुप्स हैं जहाँ लोग अपने सवालों के जवाब ढूंढ रहे होते हैं। अगर आप ग्राफिक डिजाइनिंग करते हैं, तो उन ग्रुप्स में जाकर लोगों को फ्री में बताइए कि एक अच्छा लोगो (Logo) कैसे बनाते हैं। अपनी थोड़ी सी नॉलेज वहां शेयर कीजिए।
जब आप रोज ऐसा करेंगे, तो लोग नोटिस करेंगे कि "हाँ यार, इस बंदे को काम आता है।" फिर वो खुद आपको डायरेक्ट मैसेज (DM) करेंगे और पूछेंगे कि क्या आप उनका काम कर सकते हैं। इसे इनबाउंड मार्केटिंग (Inbound Marketing) कहते हैं।
इसमें कस्टमर आप पर पहले से भरोसा करता है क्योंकि उसने आपका फ्री का काम देखा हुआ है। शुरुआत के 5 क्लाइंट्स आपको इसी तरीके से आराम से मिल जाएंगे।
सीक्रेट 7: कंसिस्टेंसी और धैर्य (सबसे कड़वा सच)
इंटरनेट पर पैसा बहुत है। इतना पैसा है कि आप सोच भी नहीं सकते। पर ये पैसा हवा में नहीं उड़ रहा कि कोई भी आएगा और पकड़ लेगा।
आपको टिकना पड़ेगा। जो लोग सोचते हैं कि आज काम शुरू किया और कल से बैंक में मैसेज बजने लगेंगे, वो सबसे जल्दी फेल होते हैं। मान लीजिए आपने रीसेलिंग शुरू की। पहले दिन आपके व्हाट्सएप स्टेटस को 50 लोगों ने देखा, पर किसी ने कुछ नहीं ख़रीदा। दूसरे दिन भी किसी ने नहीं ख़रीदा।
ज्यादातर हाउसवाइफ तीसरे दिन स्टेटस डालना बंद कर देती हैं। उन्हें लगता है कि ये सब बेकार है। लेकिन जो महिला पूरे एक महीने तक लगातार नए और अच्छे कपड़ों की फोटो डालती रहती है, उसे पहले महीने के अंत तक 4-5 पक्के कस्टमर मिल ही जाते हैं।
यही इंटरनेट का असली खेल है। आप जो भी तरीका चुनें, उसे कम से कम 90 दिनों (3 महीने) तक बिना रुके लगातार करें। शुरुआत में पैसा नहीं आएगा, सिर्फ आपकी स्किल बेहतर होगी। और जब स्किल बेहतर हो जाएगी, तो पैसा खुद चलकर आएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या सच में बिना एक भी रुपया लगाए ऑनलाइन काम मिल सकता है?
जी हाँ, बिल्कुल मिल सकता है। इंटरनेट पर ऐसे कई असली प्लेटफॉर्म मौजूद हैं जहाँ आपको अपनी जेब से कुछ नहीं देना होता।
चाहे आप फ्रीलांसिंग करें, बच्चों को ऑनलाइन डाउट सॉल्विंग के जरिए ट्यूशन पढ़ाएं, या फिर मीशो (Meesho) जैसे ऐप से रीसेलिंग का बिज़नेस करें। इन सभी कामों में शुरुआत करने की फीस जीरो होती है। आपको बस अपनी मेहनत, अपनी स्किल और अपना समय लगाना होता है। पैसा तभी लगता है जब आप कोई अपना खुद का प्रोडक्ट बनाते हैं या भारी विज्ञापन चलाते हैं। बिना पैसे के काम ढूँढना आज के समय में बहुत आम बात है, बस सही जगह खोजना आना चाहिए।
2. एक हाउसवाइफ के लिए सबसे सुरक्षित और अच्छा काम कौन सा है?
हाउसवाइफ के लिए सबसे बड़ी चुनौती समय की होती है। उनके पास घर के हजारों काम होते हैं। इसलिए ऐसा काम चुनना चाहिए जिसमें समय की पूरी आज़ादी हो।
सोशल मीडिया मैनेजमेंट, रीसेलिंग, और क्लाउड किचन (घर से खाना बनाकर बेचना) सबसे सुरक्षित और फ्लेक्सिबल काम माने जाते हैं। इनमें आपको घर से बाहर जाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। आप दोपहर में जब भी 2 घंटे फ्री हों, तब अपना फोन उठाकर ये काम कर सकती हैं। इन कामों में आप सीधे असली लोगों से जुड़ती हैं, इसलिए किसी भी तरह के फ्रॉड का खतरा भी ना के बराबर होता है।
3. पढ़ाई के साथ-साथ एक स्टूडेंट को काम के लिए कितने घंटे देने चाहिए?
एक स्टूडेंट की पहली प्राथमिकता हमेशा उसकी पढ़ाई और उसका करियर ही होना चाहिए। ऑनलाइन काम सिर्फ साइड इनकम और जेब खर्च के लिए है।
अगर आप कॉलेज में हैं, तो पूरे दिन में सिर्फ 2 से 3 घंटे देना भी काफी है। आप रात को सोने से पहले या सुबह जल्दी उठकर फ्रीलांसिंग, वीडियो एडिटिंग या कंटेंट राइटिंग कर सकते हैं। इसके अलावा वीकेंड (शनिवार और रविवार) का सही इस्तेमाल करें। अगर आप कंसिस्टेंट रहेंगे, तो ये 2 घंटे भी महीने का अपना अच्छा खासा खर्च निकालने के लिए बहुत होते हैं। ज्यादा पैसों के लालच में पड़कर अपनी डिग्री या ग्रेड्स खराब न करें।
4. अगर काम देने वाला इंसान शुरुआत में रजिस्ट्रेशन फीस मांगे, तो क्या करें?
यह इंटरनेट की दुनिया का सबसे बड़ा रेड फ्लैग (खतरे की घंटी) है। इसे हमेशा याद रखें और दूसरों को भी बताएं।
अगर कोई भी इंसान आपको काम देने के बदले 'प्रोसेसिंग फीस', 'सिक्योरिटी मनी', 'ट्रेनिंग फीस' या 'आईडी कार्ड का पैसा' मांग रहा है, तो समझ जाइए कि वह 100% पक्का फ्रॉड है। दुनिया की कोई भी असली कंपनी या क्लाइंट आपको नौकरी देने के लिए पैसे नहीं मांगता। वो आपको आपकी मेहनत और काम का पैसा देता है। ऐसे लोगों को तुरंत ब्लॉक करें और कभी भी लालच में आकर किसी अनजान लिंक पर पेमेंट न करें।
5. मेरी इंग्लिश बहुत कमज़ोर है, क्या मैं फिर भी ऑनलाइन काम कर सकती हूँ?
आजकल इंटरनेट पर इंग्लिश से ज्यादा लोकल भाषाओं का राज है। इंग्लिश न आना अब कोई कमजोरी नहीं रही।
भारत में करोड़ों लोग इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ हिंदी या अपनी क्षेत्रीय भाषा में करते हैं। वेबसाइट्स को हिंदी में अच्छी और सरल बातें लिखने वाले लोगों की भारी डिमांड है। आप हिंदी कंटेंट राइटिंग कर सकती हैं, हिंदी यूट्यूब वीडियोस के लिए स्क्रिप्ट लिख सकती हैं, या हिंदी में ट्यूशन पढ़ा सकती हैं। आपको बस अपनी मातृभाषा पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। भाषा कभी भी आपके टैलेंट या कमाई को रोक नहीं सकती।
6. ऑनलाइन कमाया हुआ पैसा मेरे बैंक अकाउंट में कैसे और कब आता है?
यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्लेटफॉर्म के जरिए और कैसे काम कर रहे हैं।
अगर आप Upwork या Fiverr जैसी बड़ी और विदेशी वेबसाइट्स पर काम करते हैं, तो वो काम पूरा होने के बाद सीधा आपके बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर करते हैं। अगर आप भारत के ही किसी लोकल क्लाइंट के साथ काम करते हैं, तो काम पूरा होते ही आप उन्हें अपना गूगल पे (Google Pay), फोनपे (PhonePe) या यूपीआई (UPI) नंबर दे सकते हैं। वो तुरंत आपके अकाउंट में पेमेंट कर देते हैं। आज के समय में सारा सिस्टम एकदम पारदर्शी और सुरक्षित होता है।
सोचना बंद करें, अब शुरुआत करने का वक्त है
हम अक्सर सोचते बहुत हैं, लेकिन एक्शन लेने में पीछे रह जाते हैं। खास तौर पर जब बात पैसे कमाने या कोई नया काम शुरू करने की हो।
आप यूट्यूब पर कितने ही मोटिवेशनल वीडियो देख लें या इस तरह के दर्जनों ब्लॉग पढ़ लें। जब तक आप खुद अपने फोन से पहला ठोस कदम नहीं उठाएंगे, तब तक कुछ भी बदलने वाला नहीं है। आपकी स्थिति वैसी की वैसी ही रहेगी। न तो आपकी जरूरतें पूरी होंगी और न ही घर वालों से बार-बार पैसे मांगने की वो शर्मिंदगी कम होगी। ऑनलाइन दुनिया में परफेक्शन का इंतज़ार करने वाले हमेशा खाली हाथ रह जाते हैं।
आज ही एक शांत जगह बैठें और डायरी उठाएं। खुद से पूछिए कि आप कौन सा काम कर सकते हैं जिसमें आपको थोड़ा बहुत मज़ा भी आता हो। चाहे वो बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना हो, कपड़ों की रीसेलिंग करना हो या फिर अपनी कोई ई-बुक (e-Book) बेचना हो। बस किसी एक काम को चुन लीजिए। शुरुआत में चीजें शायद समझ न आएं, कई बार मन करेगा कि ये सब छोड़ दें, यह मेरे बस का नहीं है।
लेकिन जो इंसान पहले 3 महीने बिना थके टिका रहता है, वही असली पैसा बनाता है। गलतियां करने से मत डरिए। ऑनलाइन दुनिया में गलतियों का मतलब है नई सीख। अगर आप आज शुरुआत करते हैं, तो हो सकता है कि अगले महीने तक आपके हाथ में आपकी पहली खुद की कमाई हो। उस पहली कमाई की ख़ुशी और सुकून दुनिया की हर चीज़ से बढ़कर होता है। इसलिए अब बहाने बनाना छोड़िए और आज से ही अपने काम पर फोकस करना शुरू कर दीजिए।
विवेक भाई की एडवाइस: यार, सबसे बड़ी बीमारी है 'कल से करूँगा' वाली सोच। कल कभी किसी का नहीं आता। अगर तुम्हारे पास स्मार्टफोन है और उसमें डेटा है, तो तुम आज से ही अपना काम शुरू कर सकते हो। कोई एक स्किल पकड़ लो, जैसे कैनवा डिजाइनिंग या राइटिंग। उसे एक हफ्ता दबाकर सीखो और फिर बेशर्म होकर फेसबुक ग्रुप्स और लिंक्डइन पर लोगों से काम मांगो। शुरुआत में अपनी पहचान बनाने के लिए फ्री में काम कर दो। जब लोगों को काम पसंद आएगा, तो वो खुद मुंहमांगा पैसा देंगे। बस एक बात हमेशा याद रखना, शॉर्टकट के चक्कर में किसी को एडवांस पैसा मत देना। अपनी मेहनत पर भरोसा रखो, कामयाबी झक मारकर पीछे आएगी।

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