Link copied!

Simple vs Compound Interest Calculator: ब्याज पर ब्याज का जादू

Simple Interest & Compound Interest Calculator

🎓 SI vs CI — दोनों calculate करें, फर्क समझें। Students & Everyone के लिए।

Simple vs Compound Interest Calculator: ब्याज पर ब्याज का जादू (2026 Guide)

क्या आपने कभी सोचा है कि वारेन बफेट (Warren Buffett) इतने अमीर क्यों हैं? क्या उनके पास कोई जादुई छड़ी है?
नहीं, उनके पास गणित का एक सिंपल सा नियम है—Compound Interest (चक्रवृद्धि ब्याज)

अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था: "कंपाउंड इंटरेस्ट दुनिया का आठवां अजूबा है। जो इसे समझता है, वो कमाता है; जो नहीं समझता, वो चुकाता है।"

चाहे आप स्कूल के स्टूडेंट हों या शेयर बाज़ार के इन्वेस्टर, Simple Interest (SI) और Compound Interest (CI) के बीच का फर्क समझना आपकी जिंदगी बदल सकता है। यह टूल आपको दिखाएगा कि कैसे समय के साथ आपका छोटा सा निवेश बड़ा वटवृक्ष बन सकता है।

📖 इस गाइड में क्या है?

  • SI vs CI: आसान भाषा में अंतर।
  • Rule of 72: पैसा दोगुना कब होगा? (शॉर्टकट)
  • Calculation Table: 20 साल में कितना फर्क पड़ता है?
  • Story: दो भाई - एक ने ब्याज खाया, दूसरे ने ब्याज कमाया।
  • Power of Compounding: स्नोबॉल इफेक्ट क्या है?
  • Vivek Bhai ki Ray: कंपाउंडिंग का दुश्मन कौन है?
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

आसान भाषा में अंतर (The Difference)

Simple Interest (साधारण)

ब्याज सिर्फ आपके मूलधन (Principal) पर मिलता है।
Example: ₹100 पर 10% ब्याज।
Year 1: ₹10
Year 2: ₹10
Year 3: ₹10
(ब्याज हमेशा फिक्स रहता है)

Compound Interest (चक्रवृद्धि)

ब्याज आपके मूलधन + पुराने ब्याज पर मिलता है।
Example: ₹100 पर 10% ब्याज।
Year 1: ₹10 (Total ₹110)
Year 2: ₹11 (Total ₹121)
Year 3: ₹12.1 (Total ₹133.1)
(ब्याज हर साल बढ़ता जाता है)

समय का खेल: 20 साल का रिजल्ट

शुरुआत में अंतर कम लगता है, लेकिन लम्बे समय में यह विशाल हो जाता है। मान लीजिये आपने ₹1 लाख निवेश किये 10% ब्याज दर पर।

वर्ष (Year) Simple Interest Value Compound Interest Value अंतर (Difference)
5 साल ₹1,50,000 ₹1,61,051 ₹11,051
10 साल ₹2,00,000 ₹2,59,374 ₹59,374
20 साल ₹3,00,000 ₹6,72,750 🚀 ₹3,72,750

ध्यान दें: 20 साल में कंपाउंडिंग ने पैसे को Simple Interest के मुकाबले दुगने से भी ज्यादा कर दिया!

💡 सच्ची कहानी: दो भाइयों का फैसला

दो भाई थे—अमन और रमन। दोनों को पिताजी से विरासत में ₹10-10 लाख मिले। दोनों ने बैंक FD करवाई (ब्याज 7%)।

🟠 अमन (Simple Interest): उसने "Monthly Payout" वाली FD चुनी। उसे हर महीने ब्याज मिलता था और वो उसे खर्च कर देता था (पार्टी, शॉपिंग)। उसका मूलधन ₹10 लाख ही रहा।

🟢 रमन (Compound Interest): उसने "Cumulative FD" (Reinvestment) चुनी। उसने ब्याज को हाथ नहीं लगाया, बल्कि उसे वापस निवेश होने दिया।

20 साल बाद:
अमन के पास अभी भी वही ₹10 लाख हैं (और मंहगाई की वजह से उनकी वैल्यू कम हो गई है)।
रमन के पास अब ₹38.7 लाख हैं! 😲
बिना एक भी रुपया एक्स्ट्रा कमाए, रमन अमीर बन गया। यही है कंपाउंडिंग की ताकत।

🧮 Rule of 72: पैसा डबल कब होगा?

अगर आपको बिना कैलकुलेटर के जानना है कि आपका पैसा कितने साल में दोगुना (Double) होगा, तो 72 को ब्याज दर से भाग दे दें।

Years to Double = 72 ÷ Interest Rate

Examples:
🔸 FD (6% ब्याज): 72 ÷ 6 = 12 साल में डबल।
🔸 Mutual Fund (12% ब्याज): 72 ÷ 12 = 6 साल में डबल।
🔸 Loan (24% ब्याज): 72 ÷ 24 = 3 साल में आपका कर्ज़ डबल (सावधान!)।

EXPERT OPINION

🤵 Vivek Bhai ki Ray (विवेक भाई की सलाह)

कंपाउंडिंग एक Snowball (बर्फ के गोले) की तरह है। शुरुआत में गोला छोटा होता है और धीरे-धीरे लुढ़कता है। लेकिन जैसे-जैसे यह पहाड़ से नीचे आता है (समय बीतता है), यह विशाल हो जाता है।

मेरी 2 सलाहें:

  1. जल्दी शुरू करें: 20 साल की उम्र में शुरू किया गया ₹5,000 का निवेश, 30 साल की उम्र में शुरू किए गए ₹15,000 से ज्यादा बड़ा बन सकता है।
  2. बीच में न रोकें: कंपाउंडिंग को बीच में छेड़ें नहीं। रमन की तरह ब्याज को वापस निवेश (Reinvest) होने दें।

सही निवेश के लिए SIP Calculator देखें।

कंपाउंडिंग टूल्स 👇

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

बैंक FD में कौन सा ब्याज मिलता है? +

ज्यादातर बैंक FD पर Compound Interest देते हैं जो तिमाही (Quarterly) आधार पर जुड़ता है। लेकिन अगर आप "Monthly/Quarterly Payout" विकल्प चुनते हैं, तो यह Simple Interest जैसा काम करता है।

कंपाउंडिंग फ्रीक्वेंसी (Frequency) क्या है? +

इसका मतलब है कि साल में कितनी बार ब्याज जोड़ा जा रहा है।
Yearly < Half-Yearly < Quarterly < Monthly < Daily.
जितनी ज्यादा फ्रीक्वेंसी होगी (जैसे Daily), उतना ज्यादा फायदा होगा। बैंक FD में Quarterly होता है।

क्या लोन पर भी कंपाउंड इंटरेस्ट लगता है? +

जी हाँ! क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन पर कंपाउंड इंटरेस्ट लगता है, वो भी बहुत हाई रेट पर। इसीलिए कर्ज़ तेजी से बढ़ता है और निवेश भी तेजी से बढ़ता है। नियम वही है—समझने वाला कमाता है, न समझने वाला चुकाता है।


Disclaimer: Calculations are illustrative. Actual returns depend on market conditions and bank policies.

Vivek Hardaha - Finance Expert
Vivek Hardaha
M.Sc (CS), MA, BA (Econ)
Web & Finance Expert - Since 2014
Comments

Be the first to comment!

Vivek Hardaha
Vivek Hardaha
M.Sc (CS), MA, BA (Econ)
Web & Finance Expert • Since 2014