Margin & Markup Calculator
🏦 सामान कितने में बेचूँ कि 20% मुनाफा हो? दुकानदार और व्यापारियों के लिए।
📋 Quick Reference Table
| Markup % | Sell At | Profit | Margin % |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹110 | ₹10 | 9.1% |
| 15% | ₹115 | ₹15 | 13.0% |
| 20% | ₹120 | ₹20 | 16.7% |
| 25% | ₹125 | ₹25 | 20.0% |
| 30% | ₹130 | ₹30 | 23.1% |
| 50% | ₹150 | ₹50 | 33.3% |
| 100% | ₹200 | ₹100 | 50.0% |
Markup: Cost Price पर profit % (₹100 + 20% = ₹120)
Margin: Selling Price में से profit % (₹120 में 16.7% margin)
Margin Calculator: सही सेलिंग प्राइस और मुनाफा तय करें (Margin vs Markup 2026 Guide)
अगर आप एक दुकानदार हैं, होलसेलर हैं, या Amazon/Flipkart पर सामान बेचते हैं, तो आपसे एक सवाल है:
"अगर आप ₹100 का सामान लाते हैं और उस पर 20% मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो उसे कितने में बेचेंगे?"
शायद आपका जवाब होगा: ₹120।
गलत! ❌ (यही 90% लोग गलती करते हैं)।
अगर आप ₹120 में बेचते हैं, तो आपने 20% Markup लगाया है, लेकिन आपका Profit Margin सिर्फ 16.6% है।
यही छोटा सा कन्फ्यूजन साल के अंत में लाखों का नुकसान कराता है। OneHisaab Margin Calculator आपको यह गलती करने से बचाता है और सही "Selling Price" बताता है।
📖 इस बिज़नेस गाइड में क्या है?
- Margin vs Markup: असली अंतर क्या है?
- Formula: सही सेलिंग प्राइस कैसे निकालें?
- The Profit Trap: रमेश ने ₹120 में बेचकर घाटा क्यों खाया?
- Calculations: Gross Margin vs Net Margin.
- Vivek Bhai ki Ray: डिस्काउंट देने का सही तरीका।
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Margin और Markup में अंतर (The Difference)
बिज़नेस में दो भाषाएँ होती हैं। एक जो आप बोलते हैं (Markup) और एक जो आपका बैंक अकाउंट समझता है (Margin)।
यह Cost Price (लागत) पर जोड़ा जाता है।
Formula: ((Price - Cost) / Cost) × 100
Use: प्राइस टैग सेट करने के लिए।
यह Selling Price (बिक्री) का हिस्सा होता है।
Formula: ((Price - Cost) / Price) × 100
Use: असली मुनाफा जानने के लिए।
💡 कहानी: रमेश की "गलत" दुकानदारी
रमेश ने जूतों की दुकान खोली। उसने तय किया कि वह हर जूते पर 25% प्रॉफिट कमाएगा।
👟 जूते की लागत (Cost): ₹1,000
➕ उसने जोड़ा (25%): ₹250
🏷️ बेचा (Selling Price): ₹1,250
साल के अंत में जब उसने हिसाब (Balance Sheet) बनाया, तो देखा कि उसका मुनाफा 25% नहीं, बल्कि सिर्फ 20% था! रमेश हैरान था—"पैसा कहाँ गया?"
OneHisaab ने समझाया:
रमेश भाई, ₹250 का मुनाफा ₹1,250 की सेल पर हुआ है।
(250 ÷ 1250) × 100 = 20% Margin।
अगर आपको सच में 25% मार्जिन चाहिए था, तो आपको ₹1,333 में बेचना चाहिए था!
🧮 सही Selling Price कैसे निकालें?
अगर आपको 20% मार्जिन चाहिए, तो कैलकुलेटर के बिना भी आप इसे निकाल सकते हैं:
Example (Cost ₹100, Margin 20%):
100 ÷ (1 - 0.20)
100 ÷ 0.80 = ₹125 ✅
Gross Margin vs Net Margin: खर्चे मत भूलें
सिर्फ सामान खरीदना और बेचना ही बिज़नेस नहीं है। बिजली का बिल, दुकान का किराया, स्टाफ की सैलरी—ये सब कौन देगा?
| Type | Formula | Meaning |
|---|---|---|
| Gross Margin | (Revenue - COGS) / Revenue | सिर्फ सामान पर कितना कमाया। |
| Net Margin | (Revenue - All Expenses) / Revenue | जेब में असल में कितना बचा (सारे खर्चे काटकर)। |
🤵 Vivek Bhai ki Ray (विवेक भाई की सलाह)
दुकानदारों के लिए एक Golden Rule:
अगर आप डिस्काउंट (Discount) देना चाहते हैं, तो हमेशा Markup पर दें, Margin पर नहीं।
अगर आपका मार्जिन 20% है और आप 10% डिस्काउंट दे देते हैं, तो आपका मुनाफा आधा नहीं होता, बल्कि लगभग 60% तक गिर जाता है (क्योंकि फिक्स्ड खर्चे वही रहते हैं)।
बिज़नेस ग्रोथ टूल्स 👇
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या Margin 100% हो सकता है? +
नहीं। Margin कभी 100% नहीं हो सकता क्योंकि इसका मतलब होगा कि आपकी लागत (Cost) जीरो है, जो बिज़नेस में नामुमकिन है। लेकिन Markup 100%, 200% या 1000% भी हो सकता है।
सॉफ्टवेयर बिज़नेस में अच्छा मार्जिन क्या है? +
सॉफ्टवेयर (SaaS) या डिजिटल प्रोडक्ट्स में Gross Margin बहुत ज्यादा होता है (70-80%) क्योंकि एक बार बनाने के बाद उसे बार-बार बेचने की लागत (COGS) बहुत कम होती है। वहीं रिटेल (Retail) में 20-30% मार्जिन को भी अच्छा माना जाता है।
क्या मुझे GST को मार्जिन में जोड़ना चाहिए? +
बिल्कुल नहीं! GST सरकार का पैसा है, आपका मुनाफा नहीं। मार्जिन हमेशा Net Sales (बिना GST) और Net Cost (बिना GST) पर कैलकुलेट करना चाहिए। GST मिलाकर मार्जिन निकालेंगे तो गलत फिगर आएगा।
Disclaimer: Calculations are for reference only. Please consult a CA for precise accounting and tax-related queries.
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