क्या आप भी इसी कन्फ्यूजन में हैं?
हर मिडिल क्लास भारतीय का एक सपना होता है—"अपना खुद का घर"।
जैसे ही आपकी नौकरी लगती है, रिश्तेदार और दोस्त पूछने लगते हैं, "भाई, फ्लैट कब बुक कर रहा है?" समाज हमें बताता है कि किराया देना मतलब पैसे आग में जलाना है। लेकिन क्या 2026 में यह बात सच है?
क्या 20-30 साल के लिए बैंक का गुलाम बनना समझदारी है, या किराए के घर में रहकर पैसे को काम पर लगाना बेहतर है? चलिए, आज दूध का दूध और पानी का पानी करते हैं।
🏠 Option 1: घर खरीदना (Buying a Home)
जब आप घर खरीदते हैं, तो आप सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं खरीदते, आप एक इमोशन खरीदते हैं।
- फायदा: कोई मकान मालिक आपको घर खाली करने को नहीं कहेगा। आप अपनी मर्जी से कील ठोक सकते हैं, पेंट बदल सकते हैं।
- नुकसान (The Trap): मान लीजिये आपने ₹50 लाख का घर लिया। इसके लिए आपने ₹40 लाख का लोन 20 साल के लिए लिया।
अगर ब्याज़ दर 8.5% है, तो आप बैंक को ₹40 लाख के बदले ₹83 लाख वापस चुकाएंगे!
यानी आपने घर की डबल कीमत बैंक को दे दी।
🤔 फैसला लेने से पहले अपनी EMI चेक करें:
बिना सोचे-समझे लोन लेना बेवकूफी है। पहले देखिये कि आपकी जेब पर कितना भार पड़ेगा।
👉 EMI Calculator चेक करें🔑 Option 2: किराए पर रहना (Renting)
किराये का नाम सुनते ही लोग कहते हैं—"मकान मालिक की EMI हम क्यों भरें?" लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है।
- फायदा (Financial Freedom): अगर आप ₹50 लाख के फ्लैट में रहते हैं, तो उसका किराया मुश्किल से ₹12,000 - ₹15,000 होगा। जबकि उसी फ्लैट की EMI कम से कम ₹35,000 होगी।
- द मैजिक (The Magic): किराए और EMI के बीच जो ₹20,000 बच रहे हैं, अगर आप उसे हर महीने एक अच्छी SIP में डाल दें, तो 20 साल बाद आपके पास उस घर की कीमत से ज्यादा कैश होगा।
📈 विश्वास नहीं होता? खुद चेक करें:
देखिये कि आपका बचाया हुआ छोटा सा पैसा 20 साल में कितने करोड़ बन सकता है।
👉 SIP रिटर्न चेक करें⚖️ Rent vs Buy: सीधी तुलना (Comparison)
| फीचर | अपना घर (Buy) | किराए का घर (Rent) |
|---|---|---|
| मालिक कौन? | आप खुद | मकान मालिक |
| Flexibility | कम (बेचना मुश्किल) | बहुत ज्यादा (शहर बदलें) |
| खर्चा | EMI + मेंटेनेंस + टैक्स | सिर्फ किराया (Rent) |
💡 हमारा फैसला (Verdict)
घर तब खरीदें जब:
- आप अगले 10 साल तक उसी शहर में रहने वाले हैं।
- आपकी नौकरी सुरक्षित (Stable) है।
- EMI भरने के बाद भी आपके पास सैलरी का 40% हिस्सा बचता हो।
किराए पर तब रहें जब:
- आप करियर की शुरुआत में हैं और शहर बदल सकते हैं।
- आप पर पहले से कोई और लोन चल रहा है।
- आप EMI के बोझ में दबकर अपनी लाइफस्टाइल ख़राब नहीं करना चाहते।
निष्कर्ष:
घर खरीदना गलत नहीं है, लेकिन महंगा घर खरीदना और पूरी जिंदगी EMI भरना गलत है। फैसला लेने से पहले नंबर्स (Numbers) जरूर चेक करें।
👇 अभी अपना बजट चेक करें:
🏠 EMI Calculator (मेरी किश्त कितनी होगी?)
📈 SIP Calculator (पैसा कितना बढ़ेगा?)
